अभी हाल ही में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (प्रथम) आयोजित हुई। देशभर से लगभग 6 लाख विद्यार्थी मेडिकल की लगभग 68 हजार सीटों के लिये परीक्षा में बैठे। इस प्रकार इन सीटों में प्रवेश के लिये चयन होने के पश्चात् बाकी स्टूडेंट्स को हार व निराशा के दौर से गुजरना होगा। वास्तव में यह एक बहुत ही भयानक स्थिति है।
आज के समय में कॅरियर से संबंधित सैकड़ों विकल्प उपलब्ध है, परन्तु हमारी परम्परागत सोच व पेरेंट्स की महत्त्वकांक्षाओं ने बच्चों का बचपन व युवावस्था में होने वाले स्वस्थ मानसिक विकास को प्रभावित किया है।
जब कोई किशोर दो साल तक कठिन मेहनत करने के पश्चात् किसी परीक्षा में हार का सामना करता है तो उसके मानसिक स्तर पर क्या असर पड़ता है, इसका अनुमान वही लगा सकता है जिसने इस कठिन स्थिति का सामना किया हो।इस तीव्र प्रतिस्पर्धा के कारण विद्यार्थियों को लंबे समय तक हीन भावना का सामना करना पड़ता है। परीक्षा के दौरान बच्चों के चेहरे पर गहरा तनाव और घबराहट स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
किसी भी परिवार की सबसे बड़ी शक्ति उसके बच्चे होते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि हम उन्हें वास्तविक जीवन से सही तरीके से परिचित कराएं।
यह सच है कि किसी व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोर बना देना या उसमें हीन भावना उत्पन्न कर देना उसके जीवन का सबसे बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए हमें इस स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
10वीं के बाद ही विद्यार्थियों की रुचि और क्षमता के अनुसार सही कॅरियर का चयन किया जाना चाहिए। आज के समय में कॅरियर के सैकड़ों विकल्प उपलब्ध हैं, इसलिए एक विशेषज्ञ कॅरियर काउंसलर की सहायता लेना आवश्यक हो जाता है।काउंसलिंग के माध्यम से विद्यार्थियों की क्षमताओं और कमजोरियों का सही विश्लेषण कर उन्हें उचित मार्गदर्शन दिया जा सकता है।
अक्सर कॉलेज विद्यार्थियों की सबसे बड़ी समस्या उनकी एकाग्रता की कमी होती है, जिसका मुख्य कारण स्पष्ट कॅरियर लक्ष्य का अभाव है। हमें यह समझना होगा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। जिस कार्य में विद्यार्थी की रुचि होगी, वह उसमें पूरी लगन से कार्य करेगा और सफलता प्राप्त करेगा।
कभी-कभी विद्यार्थी बाहरी आकर्षण के कारण गलत क्षेत्र को अपना लक्ष्य बना लेते हैं, जो उचित नहीं है। आशा है कि अभिभावक अपने बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कॅरियर चुनने की स्वतंत्रता देंगे और उनके कॅरियर लक्ष्य को स्पष्ट करने में सहयोग करेंगे। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बियानी काउंसलिंग सेल संचालित किया जा रहा है, जहां व्यक्तिगत एवं ऑनलाइन काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध है।
आशा है कि हम पुनः मिलेंगे प्रेम, स्नेह और सम्मान के साथ।