आज का विचार-‘‘एकाग्रता’’

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मन…., मन यानि बहुत सारे विकल्पए जब मन बहुत सारे विकल्प में लग जाता है तो हमारी इच्छाशक्ति बहुत कमजोर हो जाती है। लेकिन यही मन जब किसी सही विकल्प पर लग जाता है तो इसे एकाग्रता कहत है। अगर हम चाहते है कि हम एकाग्र बने तो मन को किसी एक विकल्प पर लगाना होगा।

‘‘मन बहुत से विकल्प प्रस्तुत करता है,
लेकिन मन को किसी एक विकल्प पर लगा देने से एकाग्रता बढ़़ जाती है।’’

Concentration

Too many options distract us, making our performance mediocre. Our concentration increases manifold when we have only one option before us.

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘टालमटोल‘‘

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कुछ लोग काम को टालते रहते है। आज नहीं, कल करेंगं, और उनका वो कल कभी नहीं आता है। जरा सोचिए ऐसा क्यों होता है?
मैं बताता हूँ आपको, ऐसा इसलिए होता है कि वो जो भी काम कर रहे है, उन्हें उसमें बिल्कुल भी रूचि नहीं है। या तो आप रूचिकर काम करिये या काम को रूचि बना लीजिए।

‘‘आप रूची कर काम किजिए,
या फिर काम को रूचिकर बनाये’’

Procrastination

Some people keep postponing their works to other day. They do so because the work at hand doesn’t interest them. A man should either take up a work of interest, or make his work interesting.

Do you work interesting or make the job interesting

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘मौन‘‘

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नमस्कार दोस्तो,
हम कई बार लोगों को बातें समझाते है, परन्तु उन्हें समझ नहीं आती। जब हम वाणी से थक जाते है तो मैं आपको एक आइडिया दूंगा, आप दूसरी भाषा का इस्तेमाल करें और वो भाषा है, ‘‘मौन’’ की भाषा, जो कि बहुत गहरी है। वाणी मस्तिष्क तक जाती है, परन्तु मौन दिल तक दस्तक देता है। आजमाइये और देखिए मौन की भाषा एवं उसका असर।
‘‘जो बात वाणी से नहीं समझाई जा सकती,
वो मौन से आसानी से समझाई जा सकती है।’’

Silence

Many times, we explain something but people don’t understand that. Here, I can help you. When words fail, resort to silence. Sound reaches mind, silence touches heart. Use silence and experience its power.

‘Silence conveys what words can’t’.

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘खुद को बदलें, दूसरों को नही‘‘

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नमस्कार दोस्तो,
कल्पना करिये, आपके घर में आपके ही जैसा एक और व्यक्त्ति आ जाए, तो क्या आप इतने आराम से रह सकेंगें? नही ना…………. तो फिर आप ये कोशिश क्यों करते है कि सभी व्यक्त्ति आप जैसे हो जाये, ये 700 करोड़ लोगों की अपनी दुनिया सभी व्यक्त्ति अलग-अलग तरह के हैं। आइये हम उन सभी लोंगों का आदर करें, एवं यदि बदलना हो तो खुद को बदलने पर ही ध्यान दें।
‘‘हर व्यक्त्ति अद्वितीय है,
दूसरो को बदलने के बजाय स्वयं को बदलने का प्रयास करें।’’

Change Yourself, Not Others

Imagine that a lookalike of yours comes to live with you. Will you be able to live peacefully then? Certainly not. Then why do you want people to change and be like you. Around 700 crore people live on this Earth. Let’s respect them all. If need arises, we should try to change ourselves.

‘Every human being is unique. Change yourself, not others.’

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘खुशी‘‘

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अक्सर हम लोग दूसरों को खुश करने की कोशिश करते है पर दूसरे तो खुश होते नहीं। जरा सोचिए। ऐसा क्यों होता है ? मैं बताता हूँ आपको। आप जब तक खुद खुश नहीं होंगे तब तक दूसरों को खुश नहीं कर सकते। इसलिए अगर ध्यान देना है तो खुद की खुशी पर ध्यान दीजिए क्योंकि आपके खुश होने से सब अपने आप ही खुश हो जाएंगे।

‘आपके खुश होने से सभी खुश रहेंगे‘‘।

Happiness

Most of our works are aimed at making others happy. But others rarely become happy. Ever thought why it happens? Actually, you can’t make others happy until you are happy. So always channelize your energies towards making yourself happy.

‘If you are happy, others will also be happy with you.’

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘वायु‘‘

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Air

नमस्कार दोस्तो,
आज का विचार है वायु के लिए। हमारे पूरे शरीर में 6 प्रतिशत वायु है जो बह रही है। ऊपर से नीचे, नीचे से ऊपर और ये वायु हमारे साथ ठीक वैसे ही पेश आती है जैसे हम वायु के साथ पेश आते है। वायु के प्रति कृतज्ञ बनिए। गहरी श्वास लीजिए और अपनी प्रकृति को प्रदुषित होने से बचाइये।

‘‘वायु के प्रति कृतज्ञ बनें, प्रकृति को वायु प्रदुषण से बचाये‘‘।

Air

Good day friends,

Today’s thought is about air. Our body has 6% air, flowing from top to bottom, and vice versa. Air treats us the way we treat it. So be grateful to air. Save the environment from pollution.   

Prof. Sanjay Biyani

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आज का विचार-‘‘प्रेम‘‘

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http://sanjaybiyani.com/

नमस्कार दोस्तो,
आजकल हम सब लोग एक समस्या से गुजर रहे हैं हम सब लोगों को बहुत गुस्सा आता है। लाल-पीले हो जाते है। कभी आपने सोचा है ये गुस्सा क्यों आता है ?
गुस्सा इसलिए आता है कि हमारे जीवन में एक चीज की कमी हो गई है और वो चीज है ‘‘प्रेम‘‘! जिसका मतलब है देने की भावना। जैसे-जैसे प्रेम बढ़ता जाएगा, वैसे-वैसे गुस्सा दूर होता जाएगा।

‘‘जीवन में जैसे प्रेम बढ़ेगा, गुस्सा कम होता जाएगा‘‘।

Love

Good day friends,

These days, inability to control one’s anger has become a big problem. On petty things, we get angry. Have you ever thought why it happens?

We get angry because there is no love in our life. Love means willingness to give. As love increases, anger vanishes.

‘Increase love in life, and rid yourself of anger’

Prof. Sanjay Biyani


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