योग चैतन्य अवस्था में जीने का मार्ग है।

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योग जीवन को सरल और खुशहाल बनाने का महत्त्वपूर्ण साधन है। हम दैनिक जीवन में योगक्रिया अपनाकर मानसिक रूप से प्रसन्न और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। आइए! आज योग दिवस पर स्वयं के लिए तीन वचन लेते हैं-
1. हम प्रातःकाल कम से कम 2 ग्लास पानी पिएंगें।
2. हम प्रतिदिन सुबह 3 से 5 मिनट व्यायाम करके प्राणायाम करेंगें।
3. हम कुछ समय प्राकृतिक वातावरण में छत पर, पार्क में अवष्य व्यतीत करेंगे और ईष्वर को इस शुभ दिन के लिए धन्यवाद देंगे।
मेरे अनुभव के अनुसार, मैं आपको आष्वस्त करता हूँ कि यह सब करने के बाद आपका एक भी दिन नकारात्मक नहीं जाएगा। योग का तात्पर्य है ‘जुड़ना’- अपनी आत्मा का परम आत्मा से जुड़ना, पूर्ण चेतना के साथ कार्य करना। सदैव चैतन्य अवस्था में रहने के कारण एक योगी किसी के साथ कभी बुरा व्यवहार नहीं कर सकता। अतः चैतन्य प्राप्ति हेतु स्वयं के लिए समय निकालिए। योगी बनिए, स्वयं से प्रेम कीजिए। यदि आप स्वयं से प्रेम करेंगे तो आप दूसरों से प्रेम कर पाएंगें। आप दूसरों की निःस्वार्थ सेवा कर पाएगें। अतः सादा जीवन अपनाइये जिससे आपके विचार स्वतः ही उच्च हो जाएंगे और दूसरों की निःस्वार्थ सेवा कर पाएंगे। याद रखिए, योग हमें सिखाता है- ‘‘सादा जीवन उच्च विचार’’। आइए! योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ।

To know more about Prof. Sanjay Biyani visit www.sanjaybiyani.com

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